शुक्रवार, सितंबर 19, 2014

मेरे घर से उसके घर तक

मेरा घर
प्यार होने, न होने के बीच कहीं था
और उसका घर
प्यार होने, न होने से
पहले या बाद कहीं पर
                      
मैं हर सांस पर
अपने घर से उसके घर तक जाता था
मतलब, प्यार होने, न होने के बीच से
प्यार होने, न होने के पहले या बाद तक

वो हर धड़कन पर
अपने घर से मेरे घर तक आती थी
मतलब, प्यार होने, न होने से पहले या बाद से
प्यार होने, न होने के बीच तक

न उसने कभी
मेरे घर पर दस्तक दी
न मैंने कभी
उसका दरवाजा खटखटाया

हम दोनों ही
ताउम्र सफ़र में रहे
हम दोनों ही
कभी मिल न सके


तुम्हारा-अनंत 
एक टिप्पणी भेजें