रविवार, नवंबर 13, 2011

भारतीय नारी .....

हाय !वो अभागी भारतीय नारी .....
आँखों में आँसू दिल में दर्द ,
जिसे मिला न कोई हमदर्द ,
पाई जिसने कदम-कदम पर लाचारी ,
हाय !वो अभागी भारतीय नारी ,
आँचल में छिपी ममता ,
बेबसी चेहरे पर तेरी ,
बहती रही  जो गंगा बन ,
न किसी ठावँ ठहरी ,
किसी ने पाप धोया ,
तो किसी ने गन्दगी ,
तो कभी जमाने ने कराई खुद की बन्दगी ,
कभी बेचीं गयी,कभी नोची गयी ,
कभी जला दी गयी बेचारी, 
हाय !वो अभागी भारतीय नारी ,

तुम्हारा --अनंत 
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