बुधवार, सितंबर 17, 2014

अधूरेपन की तीन पूरी कविताएँ

(1)
मजाक-मजाक में, उसने मुझे मारा
मजाक-मजाक में, मैं उसके हांथों मरा
मजाक-मजाक में, मैं जिंदगी तलाशने निकला था
मजाक-मजाक में, मैं मौत खरीद कर लौटा हूँ
मजाक सुन कर, वो हँसने लगता है
मजाक सुनकर, मुझे साइनाईट चाटने को जी करता है

(2)
चाँद की मौत की ख़बर
अमावस के अखबार में छपी थी
जिसे पढ़कर सितारों ने आत्महत्याएं कर लीं
और अँधेरे ने छक कर पी शराब

सूरज और चाँद दोनों ही
इन सब से अनजान
अपनी-अपनी प्रेमिकाओं की याद में
सिगरेट सुलगाए बैठे हैं

(3)
सिगरेट और बीड़ी में जो अंतर है
ठीक वही अंतर है,
मेरी और तुम्हारी जिंदगी में
एक में मौत फ़िल्टर से छन कर आती है
और दुसरे में बिना किसी रोक-टोक के


तुम्हारा-अनंत 
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