रविवार, अप्रैल 22, 2012

एक मेमना कल मार दिया गया है,

एक मेमना कल मार दिया गया है,
डूबते सूरज को साक्षी करके,
शहर के आखरी छोर पर,
उसके कान में कहा गया,
कि तुम झूठ के जाल में,
फंसे हुए एक कीड़े हो,
इसलिए तुम्हे मर  जाना चाहिए,

बिना आंगन वाले घर के छत पर,
चढ़ कर चाँद ने सीढियों से नीचे झाँका,
दो जिस्म, एक मेमना और एक मोबाइल,
बरामद हुए थे,
रात के उस प्रहार,
जब सब सो रहे थे,
प्रेमपत्र पर लिखे गए,
बेमानी जज्बात की  तरह,

प्रेम के अचार को;
चाटा गया, चूसा गया,
और फिर फेंक दिया गया,
सीढियों  के नीचे,

मेमना एक जिस्म के साथ चला गया,
मोबाइल एक जिस्म के साथ,
चूसा और चटा हुआ;
प्रेम का अचार पड़ा रह गया,
सीढियों के नीचे,

गुलाबी एहसासों वाले प्रेम को;
नीली फिल्म बनते देर नहीं लगती,

देखा था जिसे कल चाँद ने,
आज सारी दुनिया देख रही है,
विस्वास की जलती चिता में,
आँखें सेंक रही है,

छोटे शहर के,
एक बड़े अस्पताल में,
एक छोटा सा, बड़ा काम कर दिया गया है,
एक मेमना कल मार दिया गया है,

तुम्हारा--अनंत 

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