रविवार, अप्रैल 22, 2012

गिरफ्त

चाय से चाय छान कर अलग कर दें,
तो काली चाय बचती है,
ठीक उसी तरह जैसे ;

भूख से भूख छान कर अलग कर देने पर,
काली भूख बचती है,

काली चाय में जितना दूध मिलाया जाता है,
काली चाय उतनी ही सफ़ेद हो जाती है,

काली भूख में जितनी रोटी  मिलाई  जाती है,
काली भूख उतनी ही सफ़ेद हो जाती है,

दूध का रंग सफ़ेद है,
रोटी का रंग सफ़ेद है,
अफ़सोस दोनों सफ़ेदी की गिरफ्त में है,

तुम्हारा--अनंत 

एक टिप्पणी भेजें