मंगलवार, मई 30, 2017

ये किसका कुसूर है... !!

मैं जो तुझसे दूर हूँ
तू जो मुझसे दूर है
ये किसका कुसूर है
ये किसका कुसूर है....!!

तू जो मुझसे दूर है
ये किसका कुसूर है... !!

रात ये जो ना ढले
दिल में आग सी जले
चुभ रहा नशा नशा
दम घोटता सुरूर है
तू जो मुझसे दूर है
ये किसका कुसूर है....
ये किसका कुसूर है... !!

ये जो जिस्म की ज़ंज़ीर है
कफ़स कफ़स शरीर है
यूं ख्वाब सारे जल रहे
जैसे जल रहा कपूर है
तू जो मुझसे दूर है
ये किसका कुसूर है....
ये किसका कुसूर है... !!

धड़कनों की ताल पे
यादों की खाल पे
तेरा ख्याल तुपक रहा
जैसे कोई नासूर है
तू जो मुझसे दूर है
ये किसका कुसूर है....
ये किसका कुसूर है... !!

हम दोनों यूं बिछड़ गए
जैसे झोपड़े उजड़ गए
समय की सरकार है
समय साहब है, हुजूर है
तू जो मुझसे दूर है
ये किसका कुसूर है....
ये किसका कुसूर है... !!

तुम्हारा-अनंत

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