बुधवार, मई 24, 2017

ये क्या हुआ ? ये क्या हुआ ?

दर्द ही अब हमदर्द है
और मर्ज ही है दवा
और मैंने  धीरे से कहा
ये क्या हुआ ? ये क्या हुआ ?

धड़कनों में धड़कनें थीं
और सांस में सांस थी
उसने धड़कन और सांस बनके
मुझको हलके हलके से छुआ
और मैंने धीरे से कहा
ये क्या हुआ ? ये क्या हुआ ?

मेरे भीतर कुछ अजीब सा
बह रहा है मुसलसल आजकल
कभी मुझको लगता है लहू
कभी मुझे लगता है धुआँ
और मैंने  धीरे से कहा
ये क्या हुआ ? ये क्या हुआ ?

सोचता हूँ खुद को खोद कर
खुद में कर दूँ उसको दफ़न
मैंने खोदी थी एक कबर
और खुद गया मुझसे कुआँ
और मैंने  धीरे से कहा
ये क्या हुआ ? ये क्या हुआ ?

 रेशमी सा एक ज़ख़्म है आवाज़ में
और धड़कनों में  पड़ रही है खराश
मेरे आस पास जहर जहर सा घुला
दम घोटती हुई है एक हवा
और मैंने  धीरे से कहा
ये क्या हुआ ? ये क्या हुआ ?

तुम्हारा-अनंत


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