शनिवार, मई 13, 2017

इस अधूरे को बचाना खुद को बचाना है..!!

सबसे उलझाऊ याद ढाई याद है। एक तुमसे मिलने की, एक बिछड़ने की और आधी तुम्हारे साथ होने की। सबसे गहरा शब्द ढाई अक्षर का शब्द है। एक अक्षर तुम्हारा, एक अक्षर मेरा और आधा हम दोनों का। सबसे ख़तरनाक़ चाल ढाई घर जलाने वाली चाल है। एक जलता हुआ घर मेरा, एक तुम्हारा और आधा हमारे सपनों का। सबसे बड़ी ज़िन्दगी ढाई दिन की ज़िन्दगी है। एक दिन तुम्हारे प्यार में, एक दिन तुम्हारे इंतज़ार में और आधा इंतज़ार के प्यार में। सबसे बड़ी कविता ढाई पंक्ति की कविता है। एक पंक्ति, हमने जो जिया उसके लिए, एक पंक्ति में जो हम नहीं जी सके उसके लिए और आधी हम जो जीना चाहते थे उसके लिए। सबसे बड़ी बात ढाई बात है। एक जो मैंने तुमसे कही, एक जो तुमने मुझसे कही और आधी जो हम एक-दूसरे से नहीं कह सके।

ये जो आधा है। वही पूरा है। और जो पूरा है वही आधा है। इसलिए हम जो पूरे हो चुके, चुक चुके लोग है। हम अभी बाकी है। इसीलिए बाकी है जीवन भी। इस अधूरे को बचाना खुद को बचाना है। जीवन जीने की वजह को बचाना है।

तुम्हारा-अनंत

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