सोमवार, सितंबर 26, 2011

आसान नहीं होता ,

पाश को पढ़ना और फिर-फिर पढ़ना अपने समय के प्यार और अपने समय की नफ़रतों को जानने की तरह है.
भूंखे पेट ,
भूखों के लिए लड़ना ,
आसान नहीं होता ,
जंगलियों के बीच ,
इंसान बन कर रहना ,
आसान नहीं होता ,
ईमान के बाज़ार में,
ईमान बचा कर रखना ,
आसान नहीं होता ,
खुद का घर जला कर ,
दूसरों का घर रोशन करना ,
आसान  नहीं होता ,
झूठों  के बीच ,
सच्चा बन कर रहना ,
आसान नहीं होता ,
पर ये भी सच है मेरे दोस्त !
आसान काम करने वाला ,
महान नहीं होता ,
और महानता का काम ,
कभी आसान नहीं होता ,
तुम्हारा --अनंत 

महान क्रांतिकारी कवि पाश की याद में ये मेरी रचनात्मक स्मृति ,उनकी लेखनी में जो आग थी उसकी हम जैसे परिवर्तनकामी लेखकों को बहुत जरूरत है .................................पाश क्रातिकारी कविता के कीर्ति स्तम्भ थे, वो सदैव प्रेरणा श्रोत के रूप में दैदीप्तमान रहेंगे ,,,,,,,,,,,,,,,
(पाश की याद में ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
ये मेरी कविता उन्ही को समर्पित है )

2 टिप्‍पणियां:

वन्दना ने कहा…

आसान काम करने वाला ,महान नहीं होता ,और महानता का काम ,कभी आसान नहीं होता

बिल्कुल सही कहा। सार्थक अभिव्यक्ति और आपके जज़्बे को नमन्।

anurag anant ने कहा…

dhanayavaad vandana ji aap aayi mere blog par aek baar fir dhnyawaad